के आर पाण्डुलिपि का दस हाइकु

K. R., Pandulipi, के आर पाण्डुलिपि , pallawa, पल्लव

के आर पाण्डुलिपि

(प्रेम दिबश प्रती समर्पित)

१) प्रेम दिबश
गुलाब पुरै काला
भक्त शिव को

२) फुलेर आउ
न डुलाइ भमरा
खुलेर आउ

३) मन्द मुस्कान
साउती गर्ने ओठ
झरेको फुल .

 

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के आर पाण्डुलिपि का केही ताङ्काहरू

K. R., Pandulipi, के आर पाण्डुलिपि , pallawa, पल्लव

के आर पाण्डुलिपि

केश भिजाइ
बदन फुकाएर
आँखा सन्काइ
पलङ मै आयौ र
सपना देख्न छोडे।

घमण्ड भो कि
काग फेयर लब्ली
दलेर खै के
केटा फेर्दै हिड्ने
मन सुन्दर होला?

 

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