हिन्दी बाल कविता

Dr., Raj, Kishor, Saksena, Saxena, Raj,राज किशोर सक्सेना ‘राज’, pallawa, पल्लव

राज किशोर सक्सेना ‘राज’,

आज सुना एक नई कहानी
चांद- सितारे, परी-सुहानी,
एक था राजा,एक थी रानी |
कान पके यह सुनते-सुनते,
नहीं सुनेंगे,चुप जा नानी |
आज सुना एक नई कहानी |

भारत का इतिहास बता दे,
अश्वमेध क्या था समझादे ?
भारत का किस पर शासन था,
क्यों टूटा साम्राज्य बतादे ?
किस स्तर पर थी नाकामी,
वर्ष आठ सौ सही गुलामी ?
आज सुना एक नई कहानी |

 

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“प्रभू पंख दे देना सुन्दर”

dr. Rupchandr, Shastri, Maynk, Khatima, India, डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक मयंक, pallawa, पल्लव

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक

हिन्दी बालगीत
काश् हमारे भी पर होते।
नभ में हम भी उड़ते होते।।
पल में दूर देश में जाते,
नानी जी के घर हो आते,
कलाबाजियाँ करते होते।
नभ में हम भी उड़ते होते।।

 

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